मन, वचन और कर्म की एकरूपता ही आर्जव धर्म का सारःपंडित रविकीर्ति
महावीर भवन सेक्टर 14 में पर्युषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की आराधना, 25 सितंबर को मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मान उदयपुर। महावीर भवन सेक्टर 14 में दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्युषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म दिवस के अवसर पर प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शांतिधारा का पुण्यार्जन झमक लाल देवड़ा परिवार को प्राप्त हुआ। धार्मिक प्रवचन के दौरान पंडित रविकीर्ति ने उत्तम आर्जव धर्म का महत्व बताते हुए कहा कि मन, वचन और काया की एकरूपता ही आर्जव धर्म है। मन में जैसा विचार हो, वाणी…
