नवरात्रि पर संगीत के माध्यम से नारी शक्ति का वंदन, डॉ. पामिल मोदी रहीं मुख्य अतिथि; भजन और भक्ति गीतों से भक्तिमय हुआ माहौल
उदयपुर। नवरात्रि के पावन अवसर पर सुरों की मंडली संस्था, उदयपुर की ओर से आयोजित ‘मातृ शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में महिलाओं ने भजन, भक्ति गीतों और मधुर संगीतमय प्रस्तुतियों के माध्यम से नारी शक्ति को नमन किया। अशोका पैलेस स्थित मधुश्री बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में संगीत, श्रद्धा और महिला प्रतिभाओं का सुंदर संगम देखने को मिला। दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की प्रभारी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पामिल मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
सुरों की मंडली के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि नारी शक्ति परिवार, समाज और संस्कृति की आधारशिला है। मां, बहनें और बेटियां अपने भीतर अनेक प्रतिभाएं समेटे हुए हैं। कई बार उचित मंच नहीं मिलने के कारण उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ संस्था ने नवरात्रि के पावन अवसर पर महिलाओं को समर्पित इस विशेष संगीतमय आयोजन की पहल की, ताकि वे अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और संगीत के माध्यम से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त कर सकें।
कार्यक्रम संयोजिका एवं सुरों की मंडली की एग्जीक्यूटिव सदस्य डॉ. हर्षा राज ने बताया कि इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि गायन प्रस्तुतियां केवल महिलाओं द्वारा दी गईं। महिलाओं ने भजन, भक्ति गीत एवं अन्य मधुर संगीतमय प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को अपनी कला अभिव्यक्त करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।
कार्यक्रम संयोजिका एवं सुरों की मंडली की एग्जीक्यूटिव सदस्य डॉ. प्रियंका भट्ट ने बताया कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं, संस्कारों, श्रद्धा और आत्मिक जुड़ाव की अभिव्यक्ति भी है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ नारी शक्ति का सम्मान करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा सामने लाने के साथ ही भारतीय संस्कृति और संगीत परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
गायिकाओं ने दीं संगीतमय प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. पामिल मोदी ने ‘ये हौसला’ गीत प्रस्तुत किया। डॉ. हर्षा राज ने ‘मां आ जाओ इस बार’ गीत के माध्यम से मां की आराधना की, जबकि डॉ. प्रियंका भट्ट ने स्वरचित गरबा “मां जुवो सगला” प्रस्तुत किया। डॉ. शालिनी भटनागर ने ‘हे नाम रे’ और नीतिका गोयल ने ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ गीत गाया।
दिव्या सारस्वत ने ‘भोर भई’, वैशाली परियानी ने शिव भजन और नीलम पटवा ने ‘कीर्तन की है रात’ की प्रस्तुति दी। नूतन वेदी ने ‘खम्मा रे खम्मा’ और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं रानी झा ने ‘ऐ गिरि नंदिनी’ के माध्यम से देवी की स्तुति की। प्रीति माथुर ने ‘दमादम मस्त कलंदर’ गीत प्रस्तुत किया।
माधवी पांचाल ने ‘मैया जी से मांगो’, वीनू वैष्णव ने ‘मन लेके आया’ और नीलम कौशल ने ‘जीने के बहाने लाखों’ गीत गाया। स्वप्नालिका अजमेरा ने ‘ये तो सच है कि भगवान है’, वीणा डांगी ने ‘आई नवरात्रि महारानी’ और रेखा वर्मा ने कृष्ण भजन प्रस्तुत किया। सभी गायिकाओं ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाया।
