नगर निगम महापौर चुनाव में क्रॉस वोटिंग की अटकलें

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। नगर निगम चुनाव 2026 में महापौर पद के लिए भाजपा द्वारा चुने गए पारस सिंघवी को लेकर आगामी 21 सितम्बर को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग की आशंकाएं जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज है कि पारस सिंघवी का नाम महापौर के लिए चुने जाने और इस दौड में आगे रहे प्रमोद सामर व दिनेश भट्ट को साइड में करने से उनके समर्थकों में खासी नाराजगी है और इसका असर सीधे सीधे आगामी दिनों होने वाले वोटिंग में देखा जा सकता है। पार्टी सूत्रों की माने तो बुधवार सुबह पारस सिंघंवी से महापौर पद के लिए नामांकन पेश करवाने के बाद शाम को रिसोर्ट में प्रमोद सामर व दिनेश भट्ट के परिजन व नजदीकी लोग पहुंचे और पार्टी पदाधिकारियों के समक्ष नाराजगी जाहिर की। वहीं उनके चहेते करीबी पार्षदों में भी असंतोष है। इस बीच पूर्व पार्षद प्रेमसिंह शक्तावत द्वारा प्राथमिकता से इस्तीफा देने की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है। बताया जाता है पार्टी पदाधिकारी उनके घर पहुंचे और समझाईश करने की कोशिश भी की। ऐसे में भाजपा के अंदर ही अंदर काफी खलबली मची हुई है। प्रमोद सामर और दिनेश भट्ट को पार्टी आलाकमान द्वारा दरकिनार करने से पार्टी में ही नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता गुटों में बंटते दिखाई दे रहे है। नाराज पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि सामर व भट्ट की वरिष्ठता को नजरअंदाज करना उनके और पार्टी के लिए ठीक नहीं है। कार्यकर्ताओं का यहां तक कहना है कि यदि पारस सिंघवी को ही महापौर के लिए चुना जाना था तो प्रमोद सामर व दिनेश भट्ट को चुनाव नहीं लडाया जाना चाहिए था। इनके नामों को महापौर की दौड में उछालना भी नहीं चाहिए था और न ही चर्चा की जानी चाहिए थी। कार्यकर्ताओं में नाराजगी के परिणाम को आगामी 21 सितम्बर को महापौर चुनाव के लिए होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग के रूप में देखा जा रहा है। अटकलों को देखते हुए यदि क्रॉस वोटिंग हो जाती है तो भाजपा के लिए विचित्र स्थिति बन सकती है। अब इसी स्थिति को संभालने और डेमेज कंट्रोल करना पार्टी नेताओं के सामने टेडी खीर बनी हुई है। उधर, कांग्रेस पार्टी की ओर से महापौर पद के लिए डॉ पूनम कुंवर राठौड द्वारा नामांकन दाखिल करवा कर मैदान में उतारा हुआ है। नाम वापसी की अंतिम तिथि 18 सितम्बर को अपराह्न 3 बजे तक है। इसके पश्चात चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान 21 सितम्बर को सुबह 10 से 2 बजे तक होगा तथा इसके तुरंत पश्चात मतगणना की जाएगी।
उपमहापौर को लेकर भाजपा में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। इतने दावेदारों के बीच किसी एक के नाम पर सहमति बनाना भाजपा के सामने बडी चुनौती खडी है। बताया जा रहा है कि पार्टी द्वारा महापौर के लिए पारस सिंघवी का नाम आगे करने के बाद दिनेश भट्ट को उपमहापौर का प्रस्ताव दिया गया है जिस पर शायद भट्ट की ओर से अब तक सहमति नहीं मिल पाई है। इस बीच गुरुवार को सुबह रिसोर्ट में बाडाबंदी के दौरान भट्ट के शुगर और बीपी बढ जाने की स्थिति में उन्हें तत्काल निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जहां उनका उपचार जारी है। भट्ट की सहमति नहीं मिलने की स्थिति में उपमहापौर पद के लिए दौड में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के दामाद के भाई आकाश बागरेचा, अतुल चंडालिया, महेंद्र सिंह शेखावत, जतिन श्रीमाली, पंकज बोराणा के नाम है। इनमें से किसी एक के नाम पर सभी की सहमति लेना भाजपा के लिए बडी चुनौती बनी हुई है। के लिए निर्वाचन प्रक्रिया 22 सितम्बर को होगी।

By Udaipurviews

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