अहंकार मिटे, विनम्रता खिले तो जीवन बने धर्ममय : पंडित रविकीर्ति

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

महावीर भवन में उत्तम मार्दव धर्म दिवस पर श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा, दस लक्षण धर्म विधान में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
उदयपुर। दिगंबर जैन समाज की ओर से हिरणमगरी से. 14 स्थित महावीर भवन में पर्युषण पर्व के द्वितीय दिन उत्तम मार्दव धर्म दिवस पर विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ धर्मसभा का आयोजन हुआ। प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा विधिपूर्वक संपन्न हुई। शांतिधारा का पुण्यार्जन गेहरी लाल देवड़ा परिवार को प्राप्त हुआ।
धर्मसभा में पंडित रविकीर्ति ने उत्तम मार्दव धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि जीवन में मृदुता, नम्रता, कोमलता एवं अहंकारहीनता का भाव होना ही उत्तम मार्दव है। मनुष्य को अपने जीवन से अहंकार का त्याग कर विनम्रता को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा धर्म वही है, जो व्यक्ति के व्यवहार में सरलता, मधुरता और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव उत्पन्न करें।
उत्तम मार्दव धर्म दिवस पर सौधर्म इंद्र-इन्द्राणी के रूप में कमल कुमार एवं भगवन्ति देवी देवड़ा के सान्निध्य में दस लक्षण धर्म विधान का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
महावीर जैन युवा परिषद द्वारा रात्रि में जैन धर्म पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतिभागियों को पारितोषिक वितरण कर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
परिषद अध्यक्ष हितेश मुण्डलिया एवं कल्पेश मुण्डलिया ने बताया कि 20 सितंबर को वरदान स्कूल में ‘जैन धर्म को जानिए’ प्रतियोगी परीक्षा आयोजित होगी। इसमें जैन पाठशाला के बालक-बालिकाएं भाग लेंगे। ट्रस्ट अध्यक्ष भंवर लाल मुंडलिया एवं महामंत्री भूरीलाल जैन ने साधर्मियों का स्वागत-अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।

By Udaipurviews

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