संघ के विस्तार का अर्थ राष्ट्रीय विचार का विस्तार- श्री दत्तात्रेय होसबाले, सरकार्यवाह, रा.स्व.संघ
देश के नागरिकों का औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होना आवश्यक भारतीय विमर्श समस्त विश्व के कल्याण का विचार अंडमान, अरुणाचल सहित पूरे देश में समाज संघ से जुड़ रहा महापुरुष हम सबके हैं उनके योगदान और मार्गदर्शन पर हो बात संघ में सबका स्वागत, राष्ट्र और समाज के लिए अच्छा काम करने वाले सभी लोगों को संघ का ही मानते हैं किसी के विरोध के लिए संघ की स्थापना नहीं कार्य विस्तार के कारण से होगा विकेंद्रीकरण समालखा(पानीपत)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक संगठन कार्य में विस्तार, राष्ट्रहित में समाज की सज्जन शक्ति…
