मेवाड़ की प्रसिद्ध गवरी नृत्य नाटिका का फतहसागर पाल पर मंचन
उदयपुर, 18 सितम्बर। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वार्षिक कार्य योजना 2026-27 के तहत स्वीकृत प्लान के अंतर्गत जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, राजस्थान सरकार के तत्वावधान में माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआई) द्वारा मेवाड़ अंचल की भील जनजाति की प्रसिद्ध परम्परागत लोकनृत्य नाटिका ‘गवरी’ का मंचन करवाया जा रहा है। गवरी लोकनृत्य मां पार्वती (गौरज्या) के प्रति अटूट श्रद्धा का पर्व है। मान्यता है कि मां पार्वती (गौरज्या) सवा महीने के लिए अपने मायके मेवाड़ आती हैं। भील समाज उन्हें बेटी मानकर विभिन्न खेलों एवं प्रसंगों के माध्यम से उनका सत्कार एवं मनोरंजन करता है।…
