क्षणभंगुर जीवन को पहचानकर करें आत्मकल्याणःडॉ. राजेन्द्र मुनि
उदयपुर। देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में प्रवचन देते हुए प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने स्व-विवेक एवं आगम के माध्यम से जीवन की वास्तविकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने जीवन को पानी में उठने वाले बुलबुले के समान क्षणभंगुर बताया है। मनुष्य को जीवन की नश्वरता को समझते हुए अपने वर्तमान जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास करना चाहिए। डॉ. राजेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य संसार की भौतिक उपलब्धियों और सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए जीवन के वास्तविक उद्देश्य को भूल जाता है। जीवन अनमोल है, इसलिए इसका सदुपयोग आत्मकल्याण, संयम और सद्कर्मों में करना…
