वन्यजीव सप्ताह 2026: सज्जनगढ़ में नेचर ट्रेल, मूक-बधिर बच्चों ने देखा बर्ड पार्क

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर, 5 अक्टूबर। वन्यजीव सप्ताह-2026 के तहत वन विभाग की ओर से सोमवार को प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में नेचर ट्रेल आयोजित हुई, वहीं गुलाब बाग बर्ड पार्क में मूक-बधिर बच्चों के लिए निःशुल्क भ्रमण कार्यक्रम रखा गया।

सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित नेचर ट्रेल में करीब 40 प्रकृति प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। ट्रेल गौरेला व्यू प्वाइंट से शुरू होकर महाराणा प्रताप नेचर ट्रेल होते हुए बड़ी पाल पर संपन्न हुई। इस दौरान उप वन संरक्षक, वन्यजीव, उदयपुर अनुराग कुमार भटनागर ने प्रतिभागियों को सज्जनगढ़ अभयारण्य की समृद्ध जैव विविधता से रूबरू कराया। उन्होंने अभयारण्य में पाए जाने वाले पैंथर, सांभर, चीतल, जंगली सूअर, सियार सहित विभिन्न पक्षी प्रजातियों तथा अरावली के पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने प्रकृति के बीच भ्रमण करते हुए वन्यजीवों एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझा। इस अवसर पर सहायक वन संरक्षक सज्जनगढ़ सुरभि शर्मा, सहायक वन संरक्षक फुलवारी की नाल कपिल कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी सज्जनगढ़ सीताराम मीणा सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

सांकेतिक भाषा में बच्चों को बताई पक्षियों की दुनिया
वन्यजीव सप्ताह के तहत दूसरे सत्र में गुलाब बाग स्थित बर्ड पार्क में मूक-बधिर विद्यालय के विशेष बच्चों के लिए निःशुल्क भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन विभाग की ओर से बच्चों को बर्ड पार्क में संरक्षित देशी-विदेशी पक्षी प्रजातियों के बारे में सांकेतिक भाषा के माध्यम से जानकारी दी गई। बच्चों को पक्षियों के संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन में पक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बताया गया। इसके बाद बच्चों को गुलाब बाग में संचालित टॉय ट्रेन से भ्रमण करवाया गया। टॉय ट्रेन की सवारी को लेकर बच्चों में खासा उत्साह नजर आया। उप वन संरक्षक अनुराग कुमार भटनागर ने कहा कि वन्यजीव सप्ताह का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को वन्यजीव एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है। विशेष बच्चों को प्रकृति और वन्यजीवों से जोड़ना इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन, विशेषकर बच्चों में प्रकृति, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति समझ और संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

By Udaipurviews

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