भोगवृत्ति छोड़कर त्यागवृत्ति अपनाएं, तभी जीवन बनेगा सार्थकः डाॅ.सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। देवेन्द्र धाम में आयोजित धार्मिक प्रवचन सभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य को भोगवृत्ति का त्याग कर त्यागवृत्ति को जीवन में अपनाना चाहिए। त्याग और संयम की भावना ही व्यक्ति को आत्मिक शांति तथा जीवन की वास्तविक सार्थकता की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि सांसारिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागने के बजाय आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। प्रवचन के दौरान मुनि ने विविध वृत्तियों का विवेचन करते हुए कहा कि मनुष्य अपनी इच्छाओं और भोग की प्रवृत्ति पर नियंत्रण रखे तो जीवन में संतुलन और शांति स्थापित हो सकती है। उन्होंने कहा कि…
