अहिंसा और जीवदया से मानव कल्याण का संदेश, गौसेवा को बताया धर्म का श्रेष्ठ स्वरूप
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, उदयपुर की ओर से मरुधर केसरी श्री मिश्रीमल जी महाराज व लोकमान्य संत श्री रूपचंद जी महाराज साब की जयंती के अवसर पर आयोजित धर्मसभा में बोलते हुए डॉ सुरेंद्र मुनि ने धर्म, अहिंसा, जीवदया एवं समाजसेवा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में डॉ सुरेंद्र मुनि ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल स्वयं के कल्याण तक सीमित नहीं, बल्कि प्राणीमात्र की सेवा और कल्याण में निहित है। उन्होंने बताया कि अहिंसा, करुणा और जीवदया भारतीय संस्कृति…
