भावों की विशुद्धि से ही जीवन का निर्माण संभवःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर, 6 अगस्त। देवेन्द्रधाम में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला में मुनिश्री डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य के जीवन का वास्तविक निर्माण उसके शुद्ध भावों से होता है। उन्होंने कहा कि शुभ भाव व्यक्ति को उत्कृष्ट बनाते हैं, जबकि अशुभ भाव जीवन को पतन की ओर ले जाते हैं। मुनिश्री ने प्रवचन में कहा कि प्रत्येक कर्म का मूल कारण हमारे भाव हैं। मन, वचन और कर्म की पवित्रता से ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने बताया कि धर्म केवल बाहरी आचरण नहीं, बल्कि अंतर्मन की शुद्धि का मार्ग है। शुभ भावों के साथ किया गया प्रत्येक…
