पर्युषण आत्मा का महापर्व, तप-संयम से होता आत्मकल्याणःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवसरण में 10 सितम्बर को आयोजित धर्मसभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि पर्युषण आत्मा का महापर्व है। तप, त्याग और संयम के माध्यम से ही आत्मकल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि आज मानव भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ में आध्यात्मिकता और आत्मचिंतन को भूलता जा रहा है। डॉ. मुनि ने कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्मकल्याण की ओर बढ़ना है। इच्छाएं लगातार बढ़ती हैं और इनके बढ़ने से मन अशांत होता जाता है। संयम, संतोष और सद्विचारों के माध्यम से ही इच्छाओं पर नियंत्रण…
