नमोकार मंत्र के जाप से आत्मशुद्धि और कर्म निर्जरा का संदेश

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पर्युषण महापर्व के छठे दिन महाप्रज्ञ विहार में मनाया जप दिवस, मुनिश्री ने बताए मंत्र साधना के नियम
उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज की ओर से पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के छठे दिन रविवार को जप दिवस मनाया गया। महाप्रज्ञ विहार में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के आज्ञानुवर्ती मुनि श्री संजय कुमारजी दिवेर, मुनि श्री प्रकाश कुमारजी दिवेर एवं मुनि श्री सिद्धि प्रज्ञजी उज्जैन के सान्निध्य में धर्मसभा आयोजित हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंडल के मंगलाचरण से हुआ। भगवान महावीर के स्मरण में गीतिका प्रस्तुत की गई। मुनिश्री ने भजन के माध्यम से भगवान महावीर की आध्यात्मिक यात्रा एवं जीवन-संदेश सुनाया। उन्होंने कहा कि अहंकार, ‘यह मेरा है’ और ‘सिर्फ मैं’ की भावना का त्याग करने से आत्मशुद्धि और कर्म निर्जरा की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
मुनिश्री ने मंत्र जाप के प्रकार, नियम, समय एवं शुद्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने सिद्धि मंत्र, साध्य मंत्र, बीज मंत्र और सात्त्विक मंत्र सहित विभिन्न मंत्रों की जानकारी दी। शरीर, वस्त्र, स्थान, आसन, उच्चारण, दिशा, माला और भाव की शुद्धि को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि मंत्र जाप में शुद्ध उच्चारण के साथ मन की निर्मलता भी जरूरी है। तेरापंथ सभा उदयपुर के अध्यक्ष राजकुमार कच्छारा और मंत्री राकेश नाहर ने बताया कि सोमवार 14 सितम्बर को ध्यान दिवस मनाया जायेगा।

By Udaipurviews

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