विजयदशमी ‘सत्यं वद:, धर्मं चर:’ का संदेश
विजयदशमी विशेष -विष्णु शर्मा हितैषी सत्य की जीत और असत्य की पराजय का महापर्व दशहरा अर्थात विजय दशमी एक वार्षिक कर्मकांड अथवा उत्सव ही नहीं है, यह आत्म समीक्षा का श्रेष्ठ अवसर भी है। वेदों ने बहुत पहले ही यह बता किया था, ‘सत्यं वद:, धर्मं चर:’ अर्थात सत्य बोलें, धर्म का अनुसरण करें। इसका सीधा संदेश है कि धर्म के अनुकूल आचरण से पहले हम सच बोलना सीखें। जब सच बोलेंगे, तभी धर्म की राह पर चल पाऐंगे। आज भी कानून-व्यवस्था का आधार सत्य ही है। यदि सत्य के मार्ग पर न चला जाए, तो अन्याय सुनिश्चित है और…
