आचार-विचार से ही जीवन की पवित्रता, दोनों में से एक भी छूटा तो बिगड़ जाएगा जीवन का संतुलनःसाध्वी विद्युतप्रभा
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने मंगलवार को आचार और विचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आचार और विचार जीवन रूपी पक्षी के दो पंख हैं। दोनों में संतुलन रहेगा तभी जीवन सही दिशा में आगे बढ़ सकता है। आचार के साथ विचार नहीं हो तो आचरण लंबे समय तक टिक नहीं सकता और विचार के बिना आचार अधूरा रह जाता है। साध्वी श्री ने आचारांग सूत्र की व्याख्या करते हुए कहा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कि इसमें आचार की बात कही गई है।…
