‘मेरे सामने वाली खिड़की में’ से ‘ओ मेरे दिल के चैन’ तक गूंजे किशोर के अमर गीत, संगीतप्रेमी हुए भावविभोर
उदयपुर। महान गायक एवं अभिनेता किशोर कुमार के जन्मदिवस के अवसर पर सुरों की मंडली संस्था की ओर से विशेष संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। किशोर कुमार के अमर गीतों को समर्पित इस शाम में संस्था के 33 सुर साधकों ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। सदाबहार नगमों की मधुर धुनों के बीच पूरा वातावरण किशोर कुमार की सुनहरी यादों से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत से ही संगीतप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कलाकारों ने ‘मेरे सामने वाली खिड़की में’, ‘रूप तेरा मस्ताना’, ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना’, ‘पल पल दिल के पास’ और ‘ओ मेरे दिल के चैन’ सहित किशोर कुमार के अनेक लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। हर प्रस्तुति के बाद गूंजती तालियों ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
सुरों की मंडली के संस्थापक एवं अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने कहा कि किशोर कुमार भारतीय संगीत जगत के ऐसे महान कलाकार थे, जिनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को अपनी ओर आकर्षित किया। उनके गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं और लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके जन्मदिवस पर गीतों के माध्यम से उन्हें याद करना बेहद आनंददायक और भावुक अनुभव रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रोफेसर नूतन कवितकर, विभागाध्यक्ष, संगीत विभाग, मीरा गर्ल्स कॉलेज तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. शबनम चतुर्वेदी, सेवानिवृत्त वरिष्ठ व्याख्याता, संगीत विभाग रहीं। दोनों अतिथियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने स्वयं भी किशोर कुमार के लोकप्रिय नगमे प्रस्तुत कर कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
संस्था के सचिव अरुण चैबीसा ने बताया कि सुरों की मंडली का उद्देश्य संगीत के प्रति समर्पित प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना तथा महान कलाकारों के सदाबहार गीतों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। किशोर कुमार के जन्मदिवस पर आयोजित यह संगीतमय आयोजन इसी उद्देश्य को समर्पित रहा।
कार्यक्रम का संचालन नूतन बेदी एवं मोहन सोनी ने किया। इस अवसर पर गोपाल गोठवाल, एस.डी. कौशल, महावीर जैन, पुष्पकांत ठाडा, नूतन बेदी, विश्वा पंड्या, मोहन सोनी, प्रीति माथुर, कमल जुनेजा, दिव्या सारस्वत, अरुण चैबीसा, गौरव स्वर्णकार, बी.एल. चैहान, ललित जैन, विष्णु वैष्णव, कामिनी, किशोर यादव, अशोक सालवी, संदीप बंसल, नैना उपाध्याय, स्वप्नलिका अजमेरा, सुरेंद्र दत्त व्यास, निखिल माहेश्वरी, योगेश उपाध्याय, क्षितिज सिंह राठौड़, माला छतवानी, मोहित माथुर, रंजना भाटी, यशवंत चैबीसा एवं प्रवीण जैन ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
आयोजक गोपाल गोठवाल एवं नूतन बेदी ने बताया कि किशोर कुमार के जन्मदिवस को लेकर कलाकारों और संगीतप्रेमियों में विशेष उत्साह रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में कैलाश केवलीया, योगेश उपाध्याय, मोहन सोनी, नूतन बेदी, विष्णु वैष्णव, गौरव स्वर्णकार एवं विकास स्वर्णकार का विशेष सहयोग रहा।
किशोर कुमार के अमर गीतों से सजी यह शाम संगीतप्रेमियों के लिए यादगार बन गई। सुरों की मिठास, कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों और किशोर कुमार के सदाबहार नगमों ने ऐसी महफिल सजाई कि श्रोता देर तक गीतों की धुनों में खोए रहे।
किशोर कुमार के सदाबहार नगमों से सजी सुरमयी शाम, 33 सुर साधकों ने बांधा समां
