रिएक्शन नहीं, विवेकपूर्ण रेस्पॉन्स ही चेतन जीवन की पहचानःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचन में बुधवार को साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने भगवान महावीर के जीवन, साधना और पुरुषार्थ का प्रेरणादायी विवेचन किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा महावीर ने समस्त कर्मों का क्षय कर केवल्य ज्ञान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के पीछे उनका असाधारण पुरुषार्थ, तप और आत्मसाधना थी। हमें भी जीवन का लक्ष्य केवल सांसारिक सुख नहीं, बल्कि कर्मों के क्षय और मोक्ष प्राप्ति को बनाना चाहिए। साध्वीश्री ने कहा कि मनुष्य जन्म-जन्मांतर से संसार के चक्र में घूम रहा है। जन्म लेना, जीवन जीना और फिर मृत्यु को प्राप्त होना,यह क्रम निरंतर…
