देशभर से जुटे पूर्व छात्र-छात्राएं, शिक्षकों ने भी लिया उत्सव में हिस्सा
उदयपुर। राजस्थान महिला गोल्डन उच्च माध्यमिक विद्यालय के वर्ष 1994-95 बैच के पूर्व सहपाठियों की वर्षों बाद हुई मुलाकात ने सावन उत्सव को यादगार बना दिया। विद्यालय के करीब 60 पुराने सहपाठी, शिक्षिकाएं एवं शिक्षक इस विशेष मिलन समारोह में शामिल हुए। “स्कूल वाली दोस्ती” की थीम पर आयोजित सावन उत्सव में पूर्व विद्यार्थियों ने अपने स्कूल के दिनों की मस्ती, शरारतों और खुशनुमा यादों को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
लहरिया के रंग में रंगा सावन उत्सव : सावन उत्सव में पूर्व छात्राएं पारंपरिक लहरिया परिधानों में नजर आईं। गीत-संगीत, नृत्य, हंसी-मजाक और आपसी बातचीत के बीच ऐसा माहौल बना कि सभी कुछ समय के लिए फिर से अपने स्कूल के दिनों में लौट गए। वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलकर सहपाठियों ने पुरानी यादें साझा कीं और साथ बिताए बचपन के पलों को याद किया।
देशभर में रहने वाले सहपाठी हुए एक मंच पर एकत्र : कार्यक्रम की आयोजक डॉ. प्रीति कच्छावा ने बताया कि स्कूल के समय साथ पढ़ने वाले सहपाठी आज देश के विभिन्न शहरों में रह रहे हैं और अपनी-अपनी जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं। कई वर्षों बाद सभी को एक साथ लाने के उद्देश्य से सावन उत्सव का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मिलते ही ऐसा लगा जैसे समय ठहर गया हो और सभी फिर से उसी स्कूल की कक्षा में पहुंच गए हों। पुराने दोस्तों ने उसी अंदाज में हंसी-मजाक और मस्ती करते हुए अपनी पुरानी यादों को ताजा किया।
शिक्षकों के साथ साझा किए स्कूल के किस्से : उत्सव में विद्यालय के शिक्षकों ने भी सहभागिता की। पूर्व विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों से मुलाकात कर स्कूल के दिनों के अनुभव और संस्मरण साझा किए। प्रोग्राम में मौजूद शिक्षक सुधा व्यास और नलिनी जोशी ने कहा लंबे अंतराल के बाद सावन उत्सव में गुरुजनों और सहपाठियों का एक साथ मिलना समारोह का विशेष आकर्षण रहा।
गीत, नृत्य और ठहाकों से गूंजा समारोह : कार्यक्रम के दौरान गीत-संगीत और नृत्य के साथ सहपाठियों ने जमकर मस्ती की। पुरानी सहेलियों के साथ गपशप और स्कूल के किस्सों ने माहौल को भावुक भी किया और खुशनुमा भी। सामूहिक रूप से बिताए इन पलों ने सभी के लिए नई यादों का एक खूबसूरत अध्याय जोड़ दिया। सावन उत्सव का संचालन अनुपमा लोढ़ा एवं माधुरी जैन ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रेखा बाबेल, नसीम बानू, हेमा कपूरिया, संगीता वीरवाल एवं मोनिका वस्तावत का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने सभी सहपाठियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस तरह के मिलन समारोह आयोजित करने की इच्छा जताई।
