उदयपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल, उदयपुर में कक्षा नवमी तथा दसवीं के लगभग 600 विद्यार्थियों के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर की ओर से स्कूली छात्रों के लिए चलाए जा रहे ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूसडे अभियान के अंतर्गत एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया।
इस सत्र को उदयपुर की फैमिली कोर्ट के न्यायिक अधिकारी श्री रणधीर सिंह मिर्धा ने संबोधित किया। इस सत्र का मुख्य विषय था ‘‘स्ट्रेंजर डेंजर – नो, गो, टेल’’। श्री मिर्धा ने छात्रों को बताया कि हमें अजनबी व्यक्तियों से सदा सावधान रहना चाहिए। जब भी हम किसी व्यक्ति या परिस्थिति के साथ असामान्य या असुरक्षित महसूस करें तो उसे तुरंत पहचाने, किसी को सूचित करें तथा पूर्ण आत्मविश्वास व साहस के साथ उसका प्रतिकार करें। प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं की सुरक्षा हेतु जागरूक रहकर ऐसी स्थितियों के बारे में खुलकर बात करनी पड़ेगी, तब ही वे दूसरों से सहायता प्राप्त कर पाएँगे। समाज में कुछ लोगों द्वारा इस प्रकार की दूषित प्रवृत्तियों से लोगों को मानसिक तनाव देकर भयग्रस्त किया जाता है। अतः हमारी जागरूकता ही हमारी सुरक्षा बन सकती है। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति या परिस्थिती के संपर्क में आते हैं या आपको इससे संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो आप अवश्य अपने विद्यालय को बताएँ ताकि हम आपकी मदद कर सकें।
इस अवसर पर प्रो वाइस चेयरमैन गोविंद अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें जागरूक बनाने वाले ऐसे सत्र समय-समय पर आयोजित होने चाहिए।
प्राचार्य संजय नरवरिया ने अतिथि का अभिनंदन करते हुए कहा कि यदि समाज का हर सदस्य हर समय सचेत रहे और किसी भी विपरीत परिस्थिति का सूझबूझ से सामना करने को तत्पर रहे तो हम कई सारी समस्याओं को बढ़ने से रोक पाएँगे। अंत में उन्होंने अतिथि का आभार प्रकट किया।
डीपीएस ,उदयपुर में छात्रों के लिए जागरूकता सत्र का आयोजन
