सच्ची आस्था वही, जो मानवता और जीवदया की राह दिखाए
उदयपुर। आध्यात्मिक प्रवचन में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि मनुष्य के जीवन में धर्म और आस्था का वास्तविक उद्देश्य केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि अपने भीतर करुणा, दया और सद्भाव का विकास करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अच्छे गुणों को अपनाने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि केवल दूसरों के गुणों को जानना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव के बीच मनुष्य को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। दूसरों के प्रति सम्मान, प्रेम और सहयोग की भावना ही समाज को बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करती है।…
