सांसारिक ज्ञान के साथ आत्मिक ज्ञान भी जरूरीःजैन संत डॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। स्थानीय देवेन्द्र धाम में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए जैन संत डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने ज्ञान को दो भागों में विभक्त किया। उन्होंने कहा कि पहला सांसारिक ज्ञान है, जो भौतिक वस्तुओं, विधि-विधान व खान-पान का अभ्यास कराता है। आजकल लोग इसे ही सब कुछ मान लेते हैं, जबकि जीवन की वास्तविक सार्थकता सांसारिक ज्ञान के साथ आत्मा विषयक आध्यात्मिक ज्ञान से ही संभव है। हमारे पूर्वज इसी आत्मिक ज्ञान में लीन रहकर दया, क्षमा, सत्य और शील को अपनाते थे। आचार्यों के अनुसार केवल बाहरी क्रिया से नहीं, बल्कि क्रिया के साथ ज्ञान होने पर ही मोक्ष…
