उदयपुर, 1 सितम्बर। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), नई दिल्ली में 4 अगस्त से 25 अगस्त तक आयोजित 22 दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला में देशभर के 15 राज्यों के 115 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यशाला में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले चार प्रतिभागियों में उदयपुर संभाग से नितेश मनोती एकमात्र प्रतिभागी रहे। उनके साथ बाड़मेर से पोकराराम तथा सीकर से सुमनबाला एवं मोहनलाल ने सहभागिता की।
कार्यशाला के दौरान मनोती सहित राजस्थान के प्रतिभागियों ने विभिन्न राज्यों की कला एवं संस्कृति को करीब से समझा। प्रतिभागियों को पॉटरी, सिक्की ग्रास क्राफ्ट एवं पेंटिंग सहित विभिन्न कला विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही कर्नाटक संगीत, भांगड़ा एवं कथक जैसी सांस्कृतिक विधाओं को सीखने का अवसर मिला। ऐतिहासिक विषयों पर आयोजित कक्षाओं के माध्यम से भारतीय इतिहास, कला एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी भी प्राप्त की।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी कला, संस्कृति, भाषा, संगीत एवं परंपराओं को साझा किया, जिससे ‘विविधता में एकता’ की भावना को समझने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य देश की समृद्ध कला एवं संस्कृति को शिक्षा से जोड़ना रहा। प्रतिभागियों ने सीखी गई कला एवं सांस्कृतिक विधाओं को विद्यालयों में विद्यार्थियों तक पहुंचाने के तरीकों को समझा।
