तप की ज्योति से आत्मा होती है निर्मल, कर्मों का होता है क्षयःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
पर्युषण महापर्व पर महावीर समवशरण में विशेष प्रवचन माला, तपस्या और साधना के महत्व पर दिया संदेश उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में पर्युषण महापर्व के अवसर पर विशेष प्रवचन माला का आयोजन हुआ। धर्मसभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने तप की महिमा बताते हुए कहा कि तप वह ज्योति है, जो आत्मा को उज्ज्वल बनाकर समस्त कर्मों के क्षय का मार्ग प्रशस्त करती है। श्री अंतगढ़ सूत्र के माध्यम से 90 तपस्वी आत्माओं का विवेचन करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने जैन धर्म में तप के महत्व पर प्रकाश…
