क्रॉस रोड इंटरनेशनल स्कूल में ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया पर जागरूकता सेमिनार, डॉ. चिराग अग्रवाल ने बताए लक्षण और उपचार
उदयपुर। बच्चों की नींद में आने वाली रुकावट और खर्राटों को अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन ये गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं। इसी विषय पर शहर के शिशु एवं बाल दंत चिकित्सक डॉ. चिराग अग्रवाल ने क्रॉस रोड इंटरनेशनल स्कूल में ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) पर जागरूकता सेमिनार आयोजित की। इसमें अभिभावकों एवं अध्यापकों को बीमारी के लक्षण, कारण, उपचार और दूरगामी प्रभावों की जानकारी दी गई।
डॉ. चिराग अग्रवाल ने बताया कि ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया बच्चों में नींद के दौरान सांस लेने में बार-बार रुकावट आने की गंभीर समस्या है। जानकारी के अभाव में कई बच्चे समय पर उपचार से वंचित रह जाते हैं। इसका असर उनकी नींद, श्वसन क्रिया, व्यवहार, पढ़ाई और शारीरिक एवं मानसिक विकास पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि नींद में तेज खर्राटे लेना, मुंह खोलकर सोना, मुंह से सांस लेना, रात में बिस्तर गीला करना, दिनभर उनींदापन रहना अथवा असामान्य रूप से अधिक चंचलता दिखाना इस बीमारी के संभावित संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि समय पर पहचान और उचित उपचार से ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। उपचार से बच्चों की नींद एवं श्वसन क्रिया में सुधार के साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी मदद मिलती है।
सेमिनार में अभिभावकों एवं अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। सभी ने क्रॉस रोड इंटरनेशनल स्कूल एवं डॉ. चिराग अग्रवाल का आभार व्यक्त किया। आयोजन में डॉ. गरिमा अग्रवाल का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
ज्ञात हो कि डॉ. चिराग अग्रवाल एवं डॉ. गरिमा अग्रवाल पिछले 18 वर्षों से उदयपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। हाल ही में चिकित्सक दंपति ने उदयपुर में विश्व स्तरीय बहुविशेषता सौंदर्य एवं दंत चिकित्सालय का शुभारंभ किया है।
बच्चों की नींद में खर्राटे को नजरअंदाज न करें, हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत
