उदयपुर। साध्वी डॉ.विद्युतप्रभाश्री की निश्रा में पर्युषण महापर्व के अवसर पर शनिवार को आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महावीर स्वामी के जन्मोत्सव को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया। प्रातः प.पू. साध्वी डॉ. श्री विद्युतप्रभा श्रीजी द्वारा कल्पसूत्र का पावन वाचन किया गया।
कल्पसूत्र वाचन के पश्चात सपना जी उतारने की बोलियां बोली गईं। इसके बाद भगवान श्री महावीर स्वामी के जन्म प्रसंग का वांचन हुआ। भगवान महावीर के जन्म का प्रसंग सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति एवं आध्यात्मिक भाव से ओतप्रोत हो गए। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर स्वामी वात्सल्य का आयोजन किया गया, जिसमें समाजजनों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में ज्ञल्न्च् के सदस्यों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
अध्यक्ष राज लोढ़ा ने कार्यक्रम में सहभागिता के लिए सभी सदस्यों एवं समाजजनों का आभार व्यक्त किया। पर्युषण महापर्व के तहत आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान महावीर के जीवन एवं उनके संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
साध्वी डॉ.विद्युतप्रभाश्री ने कहा कि महारानी त्रिशला को जन्म से पूर्व चौदह स्वप्न आये थे ,उन्होंने सबसे पहले राजा सिद्धार्थ को बताया कि उन्होंने स्वप्न फल को बताने वाले विद्वानों को बुलाया ,उन्होंने सभी स्वप्न में देखे गए फलो का उत्तर बताया कि रानी से जो बालक जन्म लेगा वो महान होगा धर्म दृष्टा होगा तथा तीर्थंकर पद को प्राप्त करेगा।
सभी श्रद्धालुओं को नारियल गोले एवं लड्डू की प्रभावना वितरण की गई एवं स्वामी वात्सल्य भी किया गया। भगवान के जन्म वाचन के प्रसंग पर बहुत हर्ष और उल्लास पूर्वक सभी श्रद्धालु नाच गान करते हैं।
कल्पसूत्र वाचन के बाद हुआ भगवान महावीर का जन्म वांचन, श्रद्धालुओं ने मनाया जन्मोत्सव
