महावीर की तपस्या हमारे आत्मकल्याण का मार्ग, 48 मिनट का उत्कृष्ट ध्यान दिला सकता है केवल्य ज्ञान: साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक चातुर्मास प्रवचनमाला में रविवार को साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने भगवान महावीर की तपस्या और ध्यान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान महावीर की साधना उनके स्वयं के लिए नहीं, बल्कि समस्त जीवों के आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए थी। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य मात्र 48 मिनट तक उत्कृष्ट ध्यान में स्थिर हो जाए तो केवल्य ज्ञान की प्राप्ति संभव है। साध्वी श्रीजी ने कहा कि आज का मनुष्य सुविधा और आराम का जीवन चाहता है। हर कार्य को आसान बनाने के लिए मशीनों का सहारा…
