देवेंद्र धाम में पर्युषण महापर्व का भव्य शुभारंभ, आत्मशुद्धि और संयम का दिया संदेश

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

डॉ. सुरेंद्र मुनि बोलें-आत्मा के समीप रहना ही पर्युषण का वास्तविक उद्देश्य
उदयपुर। देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवसरण में 8 सितम्बर को पर्युषण महापर्व का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने धर्मसभा में भाग लिया। प्रवचन में डॉ. सुरेंद्र मुनि ने पर्युषण पर्व को आत्मशुद्धि, आत्मचिंतन, संयम और तपस्या का पर्व बताते हुए जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया।
डॉ. सुरेंद्र मुनि ने कहा कि मनुष्य अपने भावों के माध्यम से शरीर और जीवन को प्रभावित करता है। रोगों के कारण शरीरपरक होने के साथ आत्मपरक भी होते हैं, जिन्हें ध्यान एवं साधना के माध्यम से दूर किया जा सकता है। पर्युषण के आठ दिनों में सामायिक, स्वाध्याय, आलोचना, पश्चाताप और क्षमापना के साथ उपवास से लेकर अठाई तक तप आराधना कर आत्मा पर लगे दोषों का निराकरण करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर द्वारा स्थापित पर्युषण की परंपरा 2600 वर्षों बाद भी निरंतर जारी है। यह पर्व व्यक्ति को राग-द्वेष, मोह, काम और क्रोध जैसे विकारों का त्याग करने की प्रेरणा देता है। मन को बाहरी भटकाव से रोककर आत्मभाव में स्थिर करना ही पर्युषण का वास्तविक संदेश है। मुनि श्री ने अंतगढ़ जी सूत्र के द्वारा गौतम अनगारों एवं उनके 18 भ्राता मुनिराजों का चरित्र प्रस्तुत किया।
धर्मसभा में डॉ. राजेंद्र मुनि ने जीवन की क्षणभंगुरता पर प्रकाश डालते हुए भगवान महावीर की वाणी को हृदय में धारण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञानशक्ति के माध्यम से धर्मशक्ति को प्रेरित कर जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। पर्युषण के आठ दिनों में प्रत्येक व्यक्ति अपने मन को विशुद्ध बनाने के साथ आगामी वर्ष के लिए धर्म, संयम और सदाचार का संकल्प ग्रहण करता है।
वक्ताओं ने कहा कि पर्युषण केवल व्यक्तिगत तप और साधना का पर्व नहीं है, बल्कि मानव कल्याण, जीवदया, गौसेवा, अनाथालय एवं जरूरतमंदों की सहायता भी धर्म आराधना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उपाध्याय रमेश मुनि एवं दीपेश मुनि ने मंगल भावना व्यक्त की। श्रावक संघ, महिला संघ एवं युवा संघ की ओर से पर्युषण पर्व के दौरान आवास, तप-जप, एकासन, पारणा एवं स्वागत सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। श्राविका संघ की ओर से ध्यान प्रतियोगिता आयोजित की गई, वहीं मध्याह्न में कल्पसूत्र का वांचन हुआ।
आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। अध्यक्ष रोशनलाल जैन, महामंत्री हिम्मत बड़ाला एवं कोषाध्यक्ष दिनेश हिंगड़ के साथ समाज के दिनेश चौरडिया, रमेश खोखावत, दिनेश मेहता एवं पूर्व महापौर रजनी डांगी ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया।

By Udaipurviews

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