चातुर्मास 29 जुलाई से, संयम और संस्कारों से जुड़ेगा समाज
चार माह तक एक ही स्थान पर रहकर जनजागरण करेंगे जैन साधु-साध्वी उदयपुर - 20 जुलाई। जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधना काल चातुर्मास इस वर्ष 29 जुलाई से प्रारंभ होगा। वर्षा ऋतु के चार महीनों में जैन साधु-साध्वियाँ एक ही स्थान पर निवास कर आत्मसाधना, स्वाध्याय, प्रवचन, तप, त्याग एवं धर्मप्रभावना के माध्यम से समाज को संयम, सदाचार और नैतिक जीवन का संदेश देंगे। इस अवधि में जैन मंदिरों, स्थानकों एवं उपाश्रयों में धार्मिक आराधनाओं, संस्कारमय कार्यक्रमों तथा आध्यात्मिक गतिविधियों का विशेष वातावरण रहेगा। श्रमण डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि जैन आगमों में चातुर्मास का विशेष महत्व बताया गया है।…
