9वीं अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में सम्मान, भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक मित्रता को मजबूत करने पर दिया जोर
उदयपुर। जापान के फुकुओका में आयोजित 9वीं इंटरनेशनल आर्ट एग्जिबिशन एवं अवॉर्ड सेरेमनी में भारत के प्रख्यात कलाकार एवं कला शिक्षाविद प्रो. राजेश कुमार यादव को कला एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘स्पेशल जूरी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। प्रो. यादव द आर्ट पिवट, इंडिया के संस्थापक भी हैं।
समारोह में विभिन्न देशों से आए कलाकारों, कला आयोजकों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस दौरान चाइना-जापान एक्सचेंज सेंटर के प्रतिनिधियों के साथ भारत के राजनयिक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिले इस सम्मान को भारतीय कला एवं कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रो. यादव ने आयोजकों, अंतरराष्ट्रीय कला समुदाय, कलाकारों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कला केवल सृजन का माध्यम नहीं, बल्कि विभिन्न देशों और संस्कृतियों को जोड़ने वाला प्रभावी सेतु है। कला के माध्यम से आपसी संवाद और मित्रता को और मजबूत किया जा सकता है।
भारत-जापान कला संबंधों को मिलेगी नई दिशा-समारोह के दौरान द आर्ट पिवट, उदयपुर की ओर से श्री किमोरी को आर्ट एम्बेसडर नियुक्त किया गया। यह पहल भारत और जापान के बीच कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग, कलाकारों के आदान-प्रदान और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रो. यादव ने कहा कि भारत, जापान, चीन सहित दुनिया के विभिन्न देशों के कलाकारों के बीच निरंतर संवाद से ‘कला के माध्यम से वैश्विक मित्रता’ के विचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि द आर्ट पिवट, उदयपुर अंतरराष्ट्रीय कला आदान-प्रदान, प्रदर्शनियों, कला शिविरों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देश-विदेश के कलाकारों को एक मंच पर लाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। प्रो. यादव ने कहा कि कला दिलों को जोड़ती है, संस्कृति राष्ट्रों के बीच संबंध मजबूत करती है और मित्रता आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।
फुकुओका में भारत की कला का गौरव बढ़ा, प्रो. राजेश कुमार यादव को मिला ‘स्पेशल जूरी अवॉर्ड’
