उदयपुर। महावीर समवशरण में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में डॉ सुरेंद्र मुनि ने श्रीकृष्ण के जीवन एवं व्यक्तित्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए सत्य, सदाचार और कर्तव्य के मार्ग को अपनाया।
मुनिश्री ने कहा कि श्रीकृष्ण ने मानव जीवन को धर्म, नीति और कर्म के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर मनुष्य को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, व्यक्ति को सत्य और धर्म का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का पर्व है। श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष आयोजन में भाग लिया तथा उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
गौरी सेवा में आयोजित कार्यक्रम में प्रवर्तक डॉ राजेन्द्र मुनि ने कहा कि बालकों को श्री कृष्ण महाराज एवं शील कंवर जी महाराज जिनेंद्र मुनि जी महाराज के जीवन दर्शन से धार्मिक संस्कारों के साथ-साथ मानवीय मूल्यों से जोड़ना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके बताए आदर्शों को अपने आचरण में उतारना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में यदि युवा पीढ़ी संस्कारों और नैतिक मूल्यों का पालन करे तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। अपने स्वार्थ का परित्याग कर सत्य, अहिंसा, करुणा और परोपकार को जीवन का आधार बनाना चाहिए।
कार्यक्रम में करणपुरिया,लोढ़ा परिवार द्वारा प्रभावना द्वारा अभिनंदन किया गया। समाज की ओर से गौ सेवा आदि क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं का स्वागत किया गया.उपाध्याय रमेश मुनि एवं दीपेशमुनि ने मंगल भावना व्यक्त की गयी. इस अवसर पर श्रीमती अनिता गुलाबचंद कटारिया, श्रीमती रजनी डांगी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में उतारने से मिलेगी सच्ची प्रेरणाःडॉ.सुरेन्द्र मुनि
