मन का मालिक वही, जो इच्छाओं का गुलाम नहींःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
आज्ञा की आराधना से मिलता है शिवत्व, निराधना बढ़ाती है संसार की यात्रा उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि केवल्य ज्ञान की प्राप्ति के बाद परमात्मा ने चतुर्विध संघ की स्थापना की और अनंत आत्माओं ने सिद्ध पद प्राप्त किया। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं से आह्वान किया कि वे आत्मचिंतन करें कि उनके मन में जिन शासन के प्रति कितनी निष्ठा है। जिन शासन को यदि हृदय में स्थापित कर लिया जाए तो आत्मा की यात्रा को निश्चित रूप से मंजिल मिल सकती है। साध्वी श्रीजी ने कहा कि आज्ञा की…
