दोष दृष्टि का त्याग कर गुण दृष्टि को अपनाएंःडॉ. राजेन्द्र मुनि
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में चल रहे पर्यूषण महापर्व के अंतर्गत धर्मसभा को संबोधित करते हुए डॉ. राजेन्द्र मुनि ने जीवन में दृष्टिकोण के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य में अच्छी और बुरी दोनों आदतें कम या ज्यादा मात्रा में होती हैं, असली अंतर व्यक्ति की दृष्टि का होता है। मुनि श्री ने कहा कि सज्जन व्यक्ति को हर तरफ सज्जनता और दुर्जन को संसार में केवल दुर्जनता ही दिखाई देती है। इसे स्पष्ट करते हुए उन्होंने महात्मा बुद्ध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने आगे…
