संभाग का पहला और राजस्थान का दूसरा एनएबीएच प्रमाणित ब्लड सेंटर बना सरल ब्लड बैंक
रक्त की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से कभी समझौता नहींःसीए (डॉ.) श्याम सिंघवी
उदयपुर। श्रीमती सरला सिंघवी चेरिटेबल सोसायटी के तहत संचालित सरल ब्लड बैंक ने रक्त सेवा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 19 वर्षों से अनवरत रक्त उपलब्ध करानंे की सेवा में जुटे सरल ब्लड बैंक को एनएबीएच प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही यह संभाग का पहला और राजस्थान का दूसरा एनएबीएच प्रमाणित ब्लड सेंटर बन गया है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में ब्लड बैंक परिसर में समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि स्टेट ड्रग कंट्रोलर अजय पाठक, आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन, देवस्थान विभाग के आयुक्त हितेश मालवीय, सहायक आयुक्त जतिन गांधी, राजस्थान ब्लड बैंक सोसायटी के अध्यक्ष वी.पी. गुप्ता, प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, भाजपा नेता रविन्द्र श्रीमाली, डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री, आईआरएस भेरा राम चौधरी, सहित अनेक अधिकारीगण, वरिष्ठ और विशेषज्ञ चिकित्सकगण, शताधिक स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं रक्तदाता उपस्थित रहे। ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, आबू से डॉ. सविता दीदी और उदयपुर की रीटा दीदी भी समारोह में शामिल हुईं।
मरीजों को रिप्लेसमेंट फ्री ब्लड उपलब्ध कराना अगला लक्ष्य-सोसायटी के संस्थापक मानद सचिव सीए (डॉ.) श्याम एस. सिंघवी ने कहा कि सरल ब्लड बैंक की यह उपलब्धि गर्व, संतोष और कृतज्ञता की बात है। सोसायटी का प्रारंभ से ही उद्देश्य रहा है कि रक्तदाता को पूर्ण विश्वास रहना चाहिए कि सरल ब्लड बैंक को दिया गया रक्त पूरी गुणवत्ता युक्त सुरक्षित और संरक्षित रहेगा,जो मरीज की जान बचाने में निश्चित ही सहायक होगा और इसका मुख्य कारण सरल ब्लड बैंक ने गुणवत्ता, सुरक्षा और निरंतर सुधार के साथ कभी समझौता नहीं किया और ना ही भविष्य में करेंगे।
डॉ. सिंघवी ने कहा कि सोसायटी का अगला लक्ष्य मरीजों को रिप्लेसमेंट फ्री ब्लड उपलब्ध कराना है। इसके लिए कितनी भी बाधाएं आएं, सोसायटी इस लक्ष्य को हासिल करके रहेगी, ताकि आने वाली पीढ़ी को यह न सुनना पड़े कि पहले ब्लड लाइए और फिर ब्लड ले जाइए।इस हेतु उन्होंने समग्र समाज और विशेषकर युवाओं का इसमें अग्रणी भूमिका निभानें हेतु आव्हान किया और कहा कि वे ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया प्रभाव से भरपूर है जिसकी महत्ता आवश्यकता है।
सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने पर जोर-मुख्य अतिथि अजय पाठक ने कहा कि प्रोफेशनल रक्तदाताओं को ब्लड बैंकों से दूर रखने तथा मरीजों को कीटाणुरहित रक्त उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से आभा एप के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। इससे मरीजों के साथ होने वाली लूटपाट पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
सोसायटी के सह सचिव संयम सिंघवी ने कहा कि सरल ब्लड बैंक को पेपरलेस बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे किसी भी समय ब्लड बैंक की ऑनलाइन जांच की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि सोसायटी सभी जरूरतमंदों की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रही है।
निजी ब्लड बैंकों से जुड़े आदेश पर जताई चिंता-राजस्थान ब्लड बैंक सोसायटी के अध्यक्ष वी.पी. गुप्ता ने निजी ब्लड बैंकों को विभिन्न माध्यमों से प्राप्त रक्त यूनिटों में से आधी यूनिट सरकारी अस्पताल में अनिवार्य रूप से जमा कराने संबंधी आदेश को वापस लेने की मांग की।
डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपे गए मांग पत्र के बाद निजी ब्लड सेंटर से रक्त लेने वाले मरीजों को उसी अस्पताल से रक्त लेने की बाध्यता समाप्त करने संबंधी आदेश लागू हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।
समारोह को प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत एवं ब्रह्मकुमारी डॉ. सविता बहन ने भी योग की वर्तमान में प्रासंगिकता बताते हुए ध्यान करवाया। प्रारंभ में अतिथियों एवं सोसायटी से जुड़े ट्रस्टियों ने एनएबीएच प्रमाणपत्र का अनावरण किया। इस अवसर पर सरल ब्लड बैंक के डॉ. एन.एस. मोगरा सहित अन्य अतिथियों ने उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मचारियों का सम्मान किया। अंत में स्वेच्छा सिंघवी ने आभार ज्ञापित किया।
एनएबीएच प्रमाणन के साथ सरल ब्लड बैंक ने रचा इतिहास
