बाह्य सौंदर्य क्षणिक, आत्मिक सौंदर्य ही देता है सच्ची शांति:डॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर, 3 अगस्त। देवेन्द्र धाम में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचनमाला के अंतर्गत सोमवार को आयोजित धर्मसभा में श्रीमद् सुख विपाक सूत्र के वांचन के अंतर्गत डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि बाहरी सुंदरता केवल आकर्षण का विषय होती है, जबकि वास्तविक और स्थायी सुंदरता आत्मा का गुण है। बाह्य सौंदर्य समय के साथ नष्ट हो जाता है, लेकिन आत्मिक सौंदर्य सदैव शाश्वत और अविनाशी रहता है। उन्होंने कहा कि जीवन में आत्मिक विकास के लिए श्रवण का विशेष महत्व है। धर्मवाणी का नियमित श्रवण व्यक्ति के विचारों को शुद्ध करता है और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। यदि…
