मित्र भले हीे एक हो, लेकिन वो भी लाखो में नेक हो -डॉ.संयमलता
उदयपुर। जीवन में तीन रिश्ते किस्मत से मिलते हैं। अच्छी पत्नी, अच्छी संतान और अच्छा दोस्त। पत्नी का चुनाव घर वाले और रिश्तेदार की सहमति से होता है। संतान प्रकृति की देन है, लेकिन दोस्त का रिश्ता तो हम स्वयं चुनते हैं। यदि पत्नी खराब मिली तो एक जन्म ही खराब होता है, लेकिन यदि दोस्त खराब बन गया तो तुम्हारी आदतें और संस्कार सब बेकार हो जाएंगे और सारा जीवन पाप कमाने में निकल जाएगा, जिससे एक नहीं कई जीवन बर्बाद हो जाएंगे। पत्नी से भी अधिक सावधानी मित्र के चयन में बरतना चाहिए। यह विचार साध्वी डॉ संयमलता…
