नारायण सेवा संस्थान का 44वाँ दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह
“51 जोड़े—जीवन के नव सपनों संग, दांपत्य के सुहाने सफर पर” उदयपुर, 25 अगस्त। जीवन में सबसे बड़ा सौभाग्य है—किसी का हाथ थाम कर उसके संग हर परिस्थिति में चलने का संकल्प लेना। जब दो आत्माएं एक-दूसरे के सुख-दुख की साथी बनती हैं, तभी परिवार की नींव रखी जाती है। इसी भावना को समाज के हर उस व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए, जो गरीबी या दिव्यांगता के कारण विवाह जैसे पावन संस्कार से वंचित रह जाते हैं, नारायण सेवा संस्थान इस बार फिर एक अद्भुत सामाजिक महायज्ञ रचने जा रहा है। आगामी 30 और 31 अगस्त को लियों का गुड़ा स्थित…
