इंद्रियों से मिलता है ज्ञान, लेकिन क्रिया से सार्थक होता है धर्मःसाध्वी विद्युतप्रभा
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने ज्ञान, सुख, स्वतंत्रता और धार्मिक क्रियाओं के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारा ज्ञान इंद्रियों के माध्यम से प्राप्त होता है। इंद्रियां कमजोर हों तो हमारी क्षमताएं भी सीमित हो जाती हैं। शरीर की क्षमता के कारण ही हम संसार में अनेक कार्य कर पाते हैं। हालांकि परमात्मा महावीर को केवल्य ज्ञान प्राप्त होने के बाद इंद्रियों की आवश्यकता नहीं रही। साध्वी श्रीजी ने कहा कि सुख सभी चाहते हैं, लेकिन सुख की परिभाषा प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग हो सकती…
