गुरु भक्ति विनय ,विवेक से करने से वैभव, बुद्धि,यश, संपत्ति और मुक्ति मिलती है आचार्य श्री वर्धमान सागर
छोटे बच्चों को गुरु पूजन सिखाया गया उदयपुर। आज गुरु पूर्णिमा के उत्सव पर पहले दीप प्रज्वलित कीया गया। गुरुदेव का पादपक्षालन सभी प्रकार फलों के रस, केसर, पुष्प, लाल चंदन, सफेद चंदन से किया गया। उसके बाद गुरुदेव की पुजा की गई। उसके पश्चात 55 साल चातुर्मास पर गुनानुवाद सभा मे राकेश सेठी, अशोक सेठी, सुनील जी भोपाल, दिलीप जी कासलीवाल, विजय कुमार जी कासलीवाल, जय कुमार जी वेद, श्री प्रदीप जी गंगावत, श्री राजकुमार जी दोषी, गौरव जी पाटनी, चिरंजीलाल जी बंगला, मांगीलाल जी नेवरिया, सुनील पाटनी, डूंगरमल गंगवाल, राजेश पंड्या किशनगढ़, जनक राज सोनी, कलकत्ता, सिक्किम, महाराष्ट्र,…
