मानवीय गुणों से ही मानव जीवन की सार्थकताःडॉ सुरेंद्र मुनि
उदयपुर, 11 अगस्त। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, उदयपुर के तत्वावधान में देवेंद्र धाम में आयोजित धर्मसभा में डाॅ. सुरेन्द्र मुनि ने मानव जीवन के महत्व और मानवीय गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य का वास्तविक महत्व उसके रूप से नहीं, बल्कि उसके मानवीय गुणों से निर्धारित होता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। धर्म, तप, जप, साधना, त्याग, क्षमा, अनुकंपा और परोपकार जैसे गुणों को जीवन में अपनाने से ही मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। इन गुणों के अभाव में मानव को पशुतुल्य माना गया है। उन्होंने कहा कि आज…
