संसार मंजिल नहीं, सिर्फ पड़ाव है,मन को परमात्मा की ओर लगाएंःसाध्वी विद्युतप्रभा
परिवर्तन जीवन का स्वभाव, बुराई और गलत संगति छोड़ आत्मकल्याण की राह अपनाने का संदेश उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि भगवान महावीर ने केवल्य ज्ञान प्राप्त करने के बाद प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध और बुद्ध बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि जीवन में परिवर्तन स्वाभाविक है और परिस्थितियों के साथ व्यक्ति के विचार, आचरण और जीवनशैली में भी बदलाव आ सकता है। साध्वी श्री ने संत वाल्मीकि का उदाहरण देते हुए कहा कि जो व्यक्ति कभी डाकू था, वही परिवर्तन के बाद महान संत बन गया।…
