रामनाम संकीर्तन से मिलती है सिद्धि और सार्थकता: पं. मिथिलेश नागर
माहेश्वरी सेवासदन में नानी बाई को मायरो कथा का दूसरा दिन उदयपुर। माहेश्वरी सेवासदन में माहेश्वरी परिवार की ओर से रविवार से आयोजित नानी बाई को मायरो कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथावाचक डॉ. पं. मिथिलेश नागर ने कहा कि विकार मन में हो तो लक्ष्य नहीं मिलता। विकार मुक्त मन के लिए राम नाम संकीर्तन जरूरी है। रामनाम संकीर्तन से ही मिलती है सिद्धि और सार्थकता। उन्होंने भक्त शिरोमणि नरसी मेहता की भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा, भक्ति और आस्था का वर्णन करते हुए बड़े भाई बंशीधर द्वारा घर से निकाल दिए जाने के बाद बिटिया नानी बाई…
