एकादशी व्रत कर मन के विकारों पर विजय पाने का संकल्प लें: प्रशांत अग्रवाल
उदयपुर, 6 सितम्बर। व्रत केवल भोजन छोड़ने का नाम नहीं, बल्कि उन विकारों को छोड़ने का संकल्प है, जो मनुष्य को भीतर से कमजोर बनाते हैं। एकादशी आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का अवसर है। नारायण सेवा संस्थान के ‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने एकादशी के पौराणिक प्रसंगों के माध्यम से जीवन को सरल, संयमित और सार्थक बनाने के संदेश साझा किए। उन्होंने मुर दैत्य और एकादशी देवी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कथा बाहरी शत्रु से अधिक मन के भीतर छिपे क्रोध, अहंकार और नकारात्मकता पर विजय पाने की प्रेरणा देती है।…
