सहेलियों के संग सावन की रंगत, परंपरा और उल्लास की अद्भुत झलक
उदयपुर। अरावली की हरी-भरी गोद में बसी झीलों की नगरी उदयपुर में गुरुवार को हरियाली अमावस्या के ऐतिहासिक मेले का दूसरा दिन पूरी तरह से नारी शक्ति के नाम रहा। फतहसागर की पाल और सहेलियों की बाड़ी का विशाल परिसर केवल महिलाओं के लिए आरक्षित रहा। सुबह से ही जब शहर की अधिकांश महिलाएं पारंपरिक परिधानों में गाजे-बाजे के साथ पहुँचने लगीं। लोगों के हाथों में मोबाइल फोन के कैमरे ने जब फतहसागर की पाल की ओर रुख किया, तो वहां उम्र की बंदिशें टूटती नजर आईं। हर उम्र की महिलाएं और युवतियाँ बच्चों की तरह मौज-मस्ती करती कैमरे के…
