सही मार्ग ही आत्मिक मंजिल तक पहुंचाताःसाध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी
उदयपुर, 13 अगस्त। सूरजपोल दादावाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक चातुर्मास के दौरान ज्ञान की अविरल गंगा प्रवाहित करते हुए विदुषी साध्वी डॉ. श्री विद्युतप्रभा श्रीजी म. सा. ने भगवान महावीर की देशना के माध्यम से जीवन में ज्ञेय, देय और उपादेय के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि हमें यह जानना आवश्यक है कि जीवन में क्या छोड़ना है, क्या करना है और क्या स्वीकार करना है। साध्वीश्री ने हाथ में कोयला और चंदन चूर्ण लेने का उदाहरण देते हुए कहा कि संसार पूरी तरह असार नहीं है, बल्कि इसमें सार भी विद्यमान है। एक आत्मा तीर्थंकर गोत्र…
