अहिंसा,करूणा एवं प्रेम तीनों एक दूसरे के पूरकःसंयमलताश्री
उदयपुर। सेक्टर 4 श्री संघ में विराजित श्रमण संघीय जैन दिवाकरिया महासाध्वी डॉ श्री संयमलताजी म. सा.,डॉ श्री अमितप्रज्ञाजी म. सा.,श्री कमलप्रज्ञाजी म. सा.,श्री सौरभप्रज्ञाजी म. सा. आदि ठाणा 4 के सानिध्य में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए महासती संयमलता ने कहा अहिंसा विश्व शांति का मूल आधार है। अहिंसा का सिद्धांत विश्व बंधुत्व की भावना को धारण करता है और संसार में व्याप्त युद्ध की विभीषिका को दूर करने में भी यह सिद्धांत अद्वितीय है। अहिंसा धर्म वीरों का भूषण है,कायरों का नहीं। अहिंसा का मार्ग आत्मज्ञान है। संपूर्ण जगत से प्रेम करने, मैत्री रखने और अहिंसा का…
