जिला प्रशासन ने जारी किए निर्देश
उदयपुर, 30 अप्रैल। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रदेश में मोटे अनाज यानी श्री अन्न (मिलेट्स) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में उदयपुर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रशासन ने अब जिले के सभी राजकीय कार्यालयों में आयोजित होने वाली बैठकों और समारोहों में मिलेट्स से बने उत्पादों के उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) जितेन्द्र ओझा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उदयपुर सहकारी उपभोक्ता थोक भंडार लिमिटेड द्वारा विक्रय किए जा रहे मिलेट्स उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए यह कदम उठाया गया है। अब सरकारी विभागों की आधिकारिक बैठकों और कार्यक्रमों में बिस्किट, दलिया और अन्य पारंपरिक व्यंजनों के रूप में मिलेट्स को मुख्य रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि अधिकारियों और आमजन में इसके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूकता बढ़े।
कार्यालयों में होगी ब्रांडिंग, लगेंगे पोस्टर और बैनर
मिलेट्स को सुपर फूड के रूप में स्थापित करने के लिए जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों के परिसरों में विशेष पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे। इन पोस्टरों के माध्यम से आमजन को बताया जाएगा कि मिलेट्स न केवल ग्लूटेन-मुक्त हैं, बल्कि आयरन, कैल्शियम और फाइबर से भी भरपूर हैं। उदयपुर सहकारी उपभोक्ता थोक भंडार के महाप्रबन्धक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मिलेट्स केंद्रों पर अब राजीविका की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कंगनी, सावा और कुटकी जैसे उत्पादों के साथ-साथ इनके रोस्टेड स्नैक्स और बिस्किट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से न केवल स्थानीय किसानों और महिला समूहों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि आम जनता को भी बेहतर पोषण की ओर प्रेरित किया जा सकेगा।
जागरूकता के लिए यह भी होंगे प्रयास
– स्कूलों और कॉलेजों में पोषण विशेषज्ञों के माध्यम से मिलेट्स रेसिपी सिखाने के लिए वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी।
– मिलेट्स के फायदों को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया और रेडियो का सहारा लिया जाएगा।
– बजट घोषणा के तहत व्यस्त स्थानों पर मिलेट कैफे और उपहार स्टोर्स पर विशेष मिलेट कियोस्क खोले जाने की योजना
