कर्मों का बंधन ही दुखों का कारण, सम्यक् ज्ञान से ही मिलेगी मोक्ष की राहःसाध्वी डॉ. विद्युत् प्रभा श्रीजी
उदयपुर, 7 अगस्त। सूरजपोल स्थित दादावाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक चातुर्मास के अंतर्गत गुरुवर्या बहिन म.सा. डॉ. विद्युत् प्रभा श्रीजी ने श्रद्धालुओं को कर्म सिद्धांत का गूढ़ रहस्य समझाते हुए कहा कि भगवान महावीर ने अपने केवलज्ञान की अमृतधारा जन-जन तक पहुंचाकर समस्त प्राणियों के कल्याण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि जीवन का परम लक्ष्य सम्यक्त्व की प्राप्ति और कर्म बंधनों से मुक्त होकर आत्मकल्याण करना है। अपने प्रवचन में साध्वी श्रीजी ने कहा कि मनुष्य द्वारा किए गए प्रत्येक कर्म का फल अवश्य मिलता है। कर्म बांधते समय व्यक्ति प्रसन्न रहता है, लेकिन जब वही…
