हर आत्मा परमात्मा बने, करुणा और अपनत्व का भाव जगाना ही जीवन का उद्देश्यःसाध्वी विद्युत प्रभा
सूरजपोल दादावाड़ी में आध्यात्मिक चातुर्मास की धर्मसभा, परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों का कराया बोध उदयपुर, 9 अगस्त। सूरजपोल स्थित दादावाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक चातुर्मास के तहत रविवार को खरतरगच्छ की विदुषी साध्वी रत्ना एवं प्रवचन प्रभाविका प.पू. डॉ. विद्युत प्रभा श्रीजी म.सा. ने धर्मसभा में भगवान महावीर के जीवन दर्शन को समझाते हुए कहा कि प्रत्येक आत्मा में परमात्मा बनने की क्षमता है। जीवन का उद्देश्य केवल स्वयं की उन्नति नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के प्रति करुणा, अपनत्व और सद्भाव का भाव जागृत करना होना चाहिए। साध्वीश्री ने कहा कि भगवान महावीर ने अपने 25वें भव में…
