मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने को लेकर संघर्ष करेंगे – ताराचंद मीणा
“विश्व आदिवासी दिवस” एवं “अगस्त क्रांति दिवस” पर उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस ने कार्यक्रम किया
उदयपुर। 9 अगस्त। “विश्व आदिवासी दिवस” एवं “अगस्त क्रांति दिवस” पर उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा विशाल कार्यक्रम कर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की माँग करी गई।
कार्यक्रम संयोजक ताराचंद मीणा ने बताया कि इस अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा विगत कई दिनों से तैयारियां चल रही थी। इस अवसर पर उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि राजस्थान के ‘जलियांवाला बाग’ के रूप में विख्यात ऐतिहासिक आदिवासी तीर्थ स्थल मानगढ़ धाम, जहाँ वर्ष 1913 में स्वतंत्रता संग्राम में शामिल 1500 से अधिक आदिवासी समाज के लोग अंग्रेजों के क्रूर शासन की गोलियों का शिकार होकर शहीद हुए थे। मानगढ़ धाम राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र इन चार राज्यों के आदिवासी समाज की साझा विरासत है। उनकी पावन स्मृति में मानगढ़ धाम को विकसित करने एवं राष्ट्रीय महत्व देने के संबंध में वर्ष 2022 में बांसवाड़ा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र की राज्य सरकारों से इस पवित्र धाम को विकसित एवं राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा था, लेकिन अत्यंत खेद एवं चिंता का विषय है कि आज तक राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र की राज्य सरकारों ने इस सम्बन्ध में कोई ठोस कदम भी नहीं उठाया है और यह भी कहा कि मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक बनने की योग्यता ही नहीं रखता है। इन राज्य सरकारों का यह रवैया आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि प्रत्येक न्यायप्रिय नागरिक की भावनाओ को ठेस पहुंचाने जैसा है। आज के दिन हम सभी राज्य सरकार से मांग करते है कि केंद्र सरकार को मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने एवं धाम को विकसित करने का प्रस्ताव बनाकर भेजे।
लोकसभा प्रत्याशी एवं कार्यक्रम संयोजक ताराचंद मीणा ने कहा कि हाल ही में लोकसभा में नागौर लोकसभा सांसद श्री हनुमान बेनीवाल एवं उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत द्वारा मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के पास अभी मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की कोई योजना नहीं है। और इन राज्य सरकारों की तरफ से कोई प्रस्ताव भी नहीं आया है। केंद्र सरकार के इस जवाब से संपूर्ण आदिवासी समाज एवं देश के न्यायप्रिय नागरिकों में भारी निराशा, रोष एवं असंतोष व्याप्त हुआ है। यह निर्णय आदिवासी समुदाय की वर्षों पुरानी आस्था, बलिदान और न्यायसंगत मांग की उपेक्षा को दर्शाता है। भाजपा आदिवासी समाज के साथ छलावा कर उन्हें भ्रमित कर रही है। आज हम सभी एक स्वर में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग करते है।
उदयपुर शहर जिला ओक्जनेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने भी मानगढ़ धाम में शहीद हुए वीरों को याद करते हुए राज्य और केंद्र सरकार से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग करी है।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी लोक कलाकारों द्वारा मंचन भी किया गया।
इस सम्बन्ध उदयपुर देहात एवं शाही जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन भी दिया गया। इस ज्ञापन के माध्यम से महामहिम महोदया से विनम्र निवेदन है कि देश के वीर आदिवासी शहीदों की शहादत के सम्मान एवं ऐतिहासिक न्याय हेतु मानगढ़ धाम को अतिशीघ्र “राष्ट्रीय स्मारक” घोषित करने की मांग करी गई।
कार्यक्रम में उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, लोकसभा प्रत्याशी एवं कार्यक्रम संयोजक ताराचंद मीणा, पीसीसी उपाध्यक्ष हीरा लाल दरांगी, पीसीसी महासचिव लाल सिंह झाला, डॉ मांगी लाल गरासिया, त्रिलोक पूर्बिया, राजस्थान इंटक अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, पीसीसी महासचिव पंकज शर्मा, दरियाव सिंह चुंडावत, लक्ष्मी नारायण पंड्या, डॉ मान सिंह निनामा, सुनील भजात, आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर बंसी लाल मीणा, अर्जुन मेनारिया, डॉ कल्याण सिंह राव, ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, राम सिंह चदाणा, रायसा राम खेर, रूप लाल मीणा, डॉ कौशल नागदा, डॉ संजीव राजपुरोहित, तीरथ सिंह खेरलिया, कमलेश पटेल, मोहब्बत सिंह राठौड़, मोती लाल सुथार, ओम प्रकाश गमेती, रतन लाल पूर्बिया, गोपाल सरपटा, दिनेश औदिच्य, गजेंद्र कोठारी, महेश त्रिपाठी, लक्ष्मी लाल सोनी, मोहन लाल मीणा, रोशन गौड़, सुरेश सोलंकी, संदीप मीणा, शिव शंकर मेनारिया सहित कई पदाधिकारी एवम कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
