पुरुषार्थी को पुरुषोत्तम का भी मिलता है साथःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। स्थानीय देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में भक्तामर पाठ के पश्चात आयोजित धर्मसभा में संतों ने जीवन विकास के मूल सूत्रों पर प्रेरणादायी विचार रखे। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि पुरुषार्थी व्यक्ति को पुरुषोत्तम का भी साथ मिलता है। उन्होंने जीवन में उन्नति के दो सूत्रकृकड़ा पुरुषार्थ (मेहनत) और भाग्य बताए। उन्होंने कहा कि केवल भाग्य के भरोसे बैठना या कर्म की उपेक्षा करना गलत है, दोनों का समन्वय ही विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। भाग्य को प्रबल बनाने के लिए सात्विक जीवन, पूजा-पाठ और परोपकारी विचार आवश्यक हैं। क्रोध, अनुचित कार्य…
