संपत्ति नहीं, सद्गुण ही जीवन की वास्तविक पूंजीःसाध्वी विद्यतुप्रभाश्री
उदयपुर। आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी श्रीजी ने जीवन में संपत्ति और सद्गुणों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस संपत्ति को मनुष्य आज सुख का साधन मानता है, वही कल उसके लिए दुख और चिंता का कारण बन सकती है। इसलिए भौतिक संपत्ति से अधिक आत्मिक संपदा को महत्व देना चाहिए। साध्वी श्रीजी ने कहा कि संपत्ति प्राप्त करने के लिए मनुष्य लगातार तनाव में रहता है। अधिक से अधिक लाभ कैसे प्राप्त हो, प्राप्त संपत्ति को सुरक्षित कैसे रखा जाए और उसका उपयोग पुण्य कार्यों में हो रहा है या नहीं, यह चिंतन भी उसे परेशान करता…
